वर्ना मुझ जैसे शख्स में इतनी खामोशी कहां थी….!
वरना हम तो हँसना भी सीख गए थे दर्द के साथ।
जिससे हद से ज़्यादा प्यार करो, वो प्यार की क़द्र नहीं करता।
तेरी यादों में डूबकर… चाँद से भी रूठ गए।
मैं तुझे भी रुला दू तेरे सितम सुना सुना कर…!
ना मेरा यार अपना था, ना मेरा प्यार अपना था, काश ये दिल मान लेता ये सब सपना था…!!!
मगर आज भी तेरा नाम दिल से मिटा नहीं पाया।
मैं उसे हर गलत चीज से दूर रखना चाहता था,
मोहब्बत है या नशा था जो भी था कमाल का था
और एक तेरा प्यार है जो मुझे मरने नही देता,
उसका दिल टूटा था बस उसको एक सहारे की जरूरत थी…!
फिक्र वो करे जिनके गुनाह परदे में हैं…!
हर शायरी आपके दर्द को समझती है, आपके भावों को आवाज़ देती है, और ज़िंदगी के उन लम्हों को बयां करती है, जिन्हें आप किसी से कह नहीं पाते।
ये हुनर Sad Shayari in Hindi मैंने बहुत कुछ खो देने के बाद ही सीखा है…!!